अयोध्या विवाद के मुद्दई बोले- राजनीति नहीं, धार्मिक आधार पर बने राम मंदिर

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राम मंदिर के निर्माण को लेकर बनने वाले ट्रस्ट पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान का संतों और बाबरी मस्जिद के पक्षकार रहे इकबाल अंसारी ने स्वागत किया है। रामजन्म भूमि न्यास के सदस्य डॉ. राम विलास वेंदाती ने अपनी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा कि गृह मंत्री ने साफ कर दिया है कि नया ट्रस्ट सरकारी ट्रस्ट न बन कर सांस्कृतिक धार्मिक और विद्वान लोगों द्वारा ही संचालित होगा।
वेदांती ने कहा कि नए ट्रस्ट में बीजेपी के नेता नही रहेंगे। जो लोग मंदिर मामले पर बीजेपी पर राजनीति करने का आरोप लगाते रहें है, उनको जवाब भी मिल गया है। उन्होंने कहा कि अब राम मंदिर का निर्माण जल्द शुरू होगा। इसमें सभी कौम के लोगों की भागीदारी रहेगी। डॉ. वेदांती ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून को लेकर कांग्रेस देश भर में अराजकता फैला रही है जबकि यह देश के किसी मुसलमान को नुकसान पहुंचाने वाला नहीं है।

गृहमंत्री के फैसले का स्वागत
वेदांती ने कहा कि इससे आतंकवादी और घुसपैठियों को बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। राम जन्मभूमि मंदिर के पुजारी सत्येन्द्र दास ने कहा कि धार्मिक संस्थाओं में केवल धार्मिक विद्वान लोगों को ही रखना चाहिए। जिससे इसे धर्म और राजनीतिक लाभ का मुद्दा न बनाया जा सके। अयोध्या संत समिति के अध्यक्ष महंत कन्हैया दास ने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह का यह फैसला कि राम मंदिर के नए ट्रस्ट मे बीजेपी का कोई नेता नहीं होगा, स्वागत योग्य है। इससे साफ हो गया है कि ट्रस्ट में राजनीतिक घालमेल नहीं होने पाएगा।

‘केवल धार्मिक आधार पर बने राम मंदिर’
कन्हैया दास ने कहा कि राजनीति ने ही राम मंदिर के केस को 70 साल तक विवाद में लटकाए रखा। मंदिर-मस्जिद केस में बाबरी मस्जिद के मुद्दई रहे इकबाल अंसारी ने कहा कि मैं तो पहले से ही इस बात का विरोध कर रहा था कि मंदिर-मस्जिद पर राजनीति बंद हो और इस केस को आपसी सुलह से तय कर लिया जाए लेकिन राजनीति ने ऐसा नहीं होने दिया। अब तो सुप्रीम कोर्ट ने अंतिम फैसला सुना दिया है। अब राम मंदिर को केवल धार्मिक आधार पर बनाया जाए।

अंसारी ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री ने साफ कर दिया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए ही मंदिर का निर्माण होगा और ट्रस्ट में बीजेपी का कोई नेता शामिल नही होगा। ऐसे में राम मंदिर का देश के हर नागरिक को स्वागत करना चाहिए। उन्होंने इच्छा जताई कि राम मंदिर के निर्माण में वे स्वयं भागीदारी करेंगे।