उत्सव:गुरुवार से शुरू और गुरुवार को ही खत्म होगी नवरात्रि, शरद पूर्णिमा तक भूमि-भवन और वाहन खरीदारी के लिए शुभ रहेगा समय

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आज गुरुवार, (7 अक्टूबर) से अश्विन मास की नवरात्रि शुरू हो रही है। ये पर्व 14 अक्टूबर तक चलेगा। इसके बाद 19 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा रहेगी। इस बार शरद पूर्णिमा के संबंध में पंचांग भेद हैं, कुछ पंचांग में 20 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा बताई गई है। इन दिनों में देवी पूजा के साथ भूमि-भवन, वाहन और अन्य चीजों की खरीदारी के लिए भी शुभ योग बन रहे हैं।

इंदौर के ज्योतिर्विद पं. सोमेश्वर जोशी के मुताबिक अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा पर घटस्थापना के साथ नवरात्रि शुरू हो गई है। प्रतिपदा पर चर और वैधृति नाम के शुभ योग बना है। महा अष्टमी पूजन 13, अक्टूबर बुधवार को होगा और महानवमी पूजन 14 अक्टूबर को होगा। इस बार नवरात्रि आठ दिन की ही रहेगी। नवरात्रि में बुध कन्या राशि में उच्च का रहेगा और शनि अपनी मकर राशि में रहेगा। गुरुवार से शुरू होकर गुरुवार को ये नवरात्रि खत्म होगी। इन शुभ योगों की वजह से ये नवरात्रि में व्यापारियों के लिए लाभदायक रह सकता है। इन दिनों में भूमि-भवन की खरीदारी भी की जा सकती है।

गुरुवार का कारक ग्रह गुरु है। देवगुरु बृहस्पति ज्ञान और बुद्धि के देवता हैं। इस बार गुरुवार से नवरात्रि शुरू होना और इसी वार को खत्म होना शुभ माना जा रहा है। ऐसा संयोग कई सालों में एक बार ही बनता है। इस बार 7 अक्टूबर नवरात्रि से लेकर 19-20 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा (पंचांग भेद) तक कई शुभ मुहूर्त रहेंगे। इन मुहूर्तों में खरीदारी करना लाभदायक रह सकता है। मान्यता है कि इन शुभ मुहूर्तों में खरीदी गई वस्तु सुख दायक होती है। जानिए शरद पूर्णिमा तक कब कौन से योग बन रहे हैं…

7 नवंबर- चर, वैधृति योग, चर योग

8 नवंबर- रवि योग शाम 6:58 के बाद, गद, विष्कुम्भ योग

9 नवंबर- रवि योग शाम 4:43 तक, शुभ और प्रीति योग

10 नवंबर- रवि योग दोपहर 2:43 से 7:37 तक, आयुष्मान योग

11 नवंबर- रवि योग मध्यान 12:55 से पूरे दिन, पद्म और सौभाग्य योग

12 नवंबर- रवि योग सुबह 11:25 तक शोभन, अतिगण्ड और छत्र

13 नवंबर- श्रीवत्स और सुकर्मा योग

14 नवंबर- रवि योग सुबह 9:34 से पूरे दिन, सौम्य और दृश्य योग

15 नवंबर- रवि योग पूरे दिन, सर्वार्थ सिद्धि योग, धूम्र योग

16 नवंबर- एकादशी व्रत, रवि योग सुबह 9:21 तक, गंड योग

17 नवंबर- वृद्धि योग , त्रिपुष्कर सुबह 9:57 से शाम 5:39 तक

18 नवंबर- सोमप्रदोष, रवि योग सुबह 10:48 से पूरे दिन, ध्रुव योग

19 नवंबर- शरद पूर्णिमा, रवि योग मध्यान 12:11 तक, सर्वार्थ सिद्धि योग, सिद्ध और व्याघात योग। इस बार पंचांग भेद की वजह से कुछ जगहों पर 20 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा मनाई जाएगी।

नवरात्रि से शरद पूर्णिमा तक 13 दिनों में सर्वार्थ सिद्धि, अमृत, रवि योग, आनंददी, त्रिपुष्कर योग रहेंगे। ऐसे शुभ योगों में सोना, चांदी, वाहन, इलेक्ट्रॉनिक, घरेलू सामान खरीदने से परिवार में सौभाग्य बढ़ता है।