नवरात्रि आज से:60 साल बाद मकर राशि में गुरु-शनि के योग में मनाई जाएगी नवरात्रि, देवी दुर्गा को किस दिन क्या भोग लगाएं

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आज (7 अक्टूबर) से देवी दुर्गा का महापर्व नवरात्रि शुरू हो रहा है। इस बार ये पर्व आठ दिनों का रहेगा और 14 अक्टूबर को नवमी तिथि पर खत्म होगा। इस साल नवरात्रि की शुरुआत में शनि और गुरु एकसाथ मकर राशि में रहेंगे। ये एक दुर्लभ योग है।

उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार 2021 से 60 साल पहले 10 अक्टूबर 1961 को गुरु-शनि के मकर राशि में रहते हुए शारदीय नवरात्रि मनाई गई थी। इस बार नवरात्रि में ही 11 अक्टूबर को शनि मकर राशि में मार्गी हो जाएगा। नवरात्रि में गुरु मकर राशि में वक्री और नीच का रहेगा। शनि अपनी राशि मकर में वक्री से मार्गी हो जाएगा।

इस बार नवरात्रि आठ दिनों की है और माता का आगमन डोली में हो रहा है। देवी दुर्गा का प्रस्थान भी डोली में ही होगा। प्रतिपदा यानी 7 अक्टूबर को घटस्थापना के साथ शक्ति पूजन शुरू होगा। प्रतिपदा से नवमी तिथि तक दुर्गा जी पूजा करने वाले भक्तों को धर्म के अनुसार रहना चाहिए। श्री दुर्गाा सप्तशती का पाठ करना चाहिए। नवरात्रि का व्रत करने वाले लोगों को शुद्धता और संयम का पालन करते हुए व्रत-उपवास करना चाहिए। इस बार नवरात्रि में तिथि क्षय होने के संबंध पंचांग भेद हैं। कुछ पंचांगों में चतुर्थी-पंचमी एक दिन रहेगी तो कुछ पंचांग में पंचमी और षष्ठी एक दिन बताई गई है।